
रुड़की (उत्तराखंड): हरिद्वार जिले के रुड़की में नगला इमरती गांव के पास हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर विकसित की जा रही एक बड़ी आवासीय कॉलोनी ‘इवारा पार्कलैंड’ अब विवादों में आ गई है। कांग्रेस नेता आशीष सैनी ने इस परियोजना को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कॉलोनी के विकास में नियमों की अनदेखी की जा रही है और इससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान हो सकता है।
60 बीघा से अधिक भूमि पर प्लॉटिंग का आरोप
कांग्रेस नेता आशीष सैनी का आरोप है कि लगभग 60 बीघा से अधिक कृषि भूमि पर प्लॉटिंग की जा रही है, जबकि इसके लिए आवश्यक नियमों और स्वीकृतियों का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि इस प्रोजेक्ट का ले-आउट केवल सीमित हिस्से के लिए पास बताया जा रहा है, लेकिन उसकी आड़ में बड़े क्षेत्र में प्लॉट काटे जा रहे हैं।
एचआरडीए की भूमिका पर उठे सवाल
सैनी ने एचआरडीए (हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि प्राधिकरण की नाक के नीचे कृषि भूमि का बड़े स्तर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, लेकिन अधिकारी इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे।
राजस्व को करोड़ों का नुकसान होने का दावा
कांग्रेस नेता ने कहा कि यदि आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान होने का मामला सामने आ सकता है। उन्होंने प्रशासन से पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
होल्डिंग पर ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश
हरिद्वार-मंगलौर बाईपास पर लगे बड़े होर्डिंग में ‘Evara Parkland’ के साथ ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का संदेश लिखा हुआ है। हालांकि अब सवाल उठ रहा है कि इस कॉलोनी को बसाने के लिए क्या सभी कानूनी प्रक्रियाओं और स्वीकृतियों का पालन किया गया है या नहीं।
प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजर
इस मामले में लगाए गए आरोपों के बाद अब नजर प्रशासन और एचआरडीए की कार्रवाई पर टिकी हुई है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या इस कॉलोनी की जांच होती है या फिर मामला ऐसे ही ठंडे बस्ते में चला जाता है।



